सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक में आए दिन बग (खामियां) निकलती हैं. फेसबुक बग ढूंढने में भारतीय काफी आगे हैं. फेसबुक बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत इन्हें इनाम देता है.
मुंबई के रहने वाले शुभम ने हाल ही में फेसबुक की खामी को उजागर किया और इसके लिए कंपनी ने उसे रिवॉर्ड दिया है. इतना ही नहीं इस 2018 के हॉल ऑफ फेम में शुभम को जगह भी दी जाएगी. फेसबुक ने शुभम को 1,500 डॉलर (लगभग 1,10,000 रुपये) दिए हैं.
क्या था बग
शुभम ने फेसबुक पेज में बग ढूंढा है. फेसबुक पेज के ऐडमिन रोल प्राइवेट होते हैं. लेकिन शुभम ने फेसबुक ग्रुप के जरिए पेज के एडमिन का नाम जान सकते थे. ये बग प्राइवेसी के लिहाज से काफी गंभीर हो साबित हो सकता था. किस पेज का एडमिन कौन है ये जानकारी सामने आना खुद में एक समस्या है.
शुभम के मुताबिक यह प्राइवेसी से जुड़ी खामी थी और इसका फायदा उठा कर किसी भी पेज के एडमिन की जानकारी और उसके पर्सनल प्रोफाइल को देखा जा सकता था. गौरतलब है कि फेसबुक पेज में एडमिन को प्राइवेट रखने का ऑप्शन होता है और ज्यादातर पेज के एडमिन्स प्राइवेट होते हैं ताकि यूजर्स उनका प्रोफाइल न देख सकें.
आपको बता दें कि शुभम के अलावा भी कई भारतीय ने फेसबुक में बग ढूंढकर करोड़ों रुपये कमाए हैं. ऐसे ही बंगलुरु के आनंद प्रकाश इस फेसबुक बग ढूंढने वाले में दुनिया के मामले में नंबर-1 रह चुके हैं.
शुभम में आजतक को बताया है कि वो फेसबुक के इस रिवॉर्ड से काफी खुश और उत्साहित हैं और वो फेसबुक के अलवा दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी बग ढूंढते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ साल से वो फेसबुक में बग ढूंढना चाहते थे.
शुभम 21 साल के हैं और उन्होंने ने बीसीए किया है और अब वो पीजी कर रहे हैं.
वहीं भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक संजर ने कहा कि आरएसएस की शाखाएं मैदानों में लगती है या फिर संघ की अपनी सम्पत्तियों में ना कि शासकीय भवनों में. संजर ने कहा कि आरएसएस की शाखाओं में राष्ट्रवाद सिखाया जाता है और वह कांग्रेस को याद दिलाना चाहते हैं कि देश मे कोई भी आपदा आती है तो सबसे पहले RSS का स्वयंसेवक वहां पहुंचता है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एमपी कांग्रेस के इस वादे का समर्थन किया है. चिदंबरम ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा, " आरएसएस एक राजनीतिक संस्था है, यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि सरकारी इमारतों में संघ की शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता है, सरकारी कर्मचारी जब तक नौकरी कर रहे हैं तबतक उन्हें खुले रूप से किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं आना चाहिए."
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