5 बार सांसद, 2 बार मुख्यमंत्री और 3 बार विधायक बने अशोक गहलोत को एक बार फिर राज्य की कमान सौंप दी गई है। यानि राज्य के नए सम्राट अशोक ही होंगे इस सस्पेंस से अब पर्दा उठ चुका है। नतीजों के बाद तीन दिनों तक चले वार्ता के दौर के बाद आखिरकार आलाकमान ने अपने फैसले का ऐलान कर ही दिया और अब अशोक मुख्यमंत्री तो सचिन पायलट डिप्टी सीएम होंगे। सीएम पद की रेस में पहले दिन से ही गहलोत आगे चल रहे थे और आखिरकार उन्होने ये रेस जीत भी ली। औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। 67 साल के हो चुके अशोक गहलोत राज्य के नए मुख्ममंत्री बनने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कैसा रहा है राजस्थान के तीसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं अशोक गहलोत का सियासी सफर
ऐसे हुई राजनीति में एंट्री
कहा जाता है कि अशोक गहलोत को विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति और समाजसेवा से जुड़े कार्यों में रूचि थी। यही कारण रहा कि वो इस ओर आकर्षित हुए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गहलोत को राजनीति में लाने वालीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। जी हां...पूर्वोत्तर क्षेत्र में शरणार्थियों के बीच अच्छा काम कर रहे गहलोत से इंदिरा काफी प्रभावित थीं। इसलिए वो उन्हे राजनीति में लाई। बस तब से शुरू हुई गहलोत का सियासी सफर आज तक जारी है।
1980 में बने पहली बार सांसद
अशोक गहलोत 7वीं लोकसभा के लिए साल 1980 में पहली बार जोधपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद बनें। उसके बाद जोधपुर संसदीय क्षेत्र से ही उन्होने 8वीं लोकसभा, 10वीं लोकसभा, 11वीं लोकसभा और 12वीं लोकसभा का चुनाव जीता।
1999 में चुने गए विधायक
1999 में अशोक गहलोत सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से ही विधायक चुने गए जिसके बाद 2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव में भी गहलोत विधायक के तौर पर चुन कर आएं।
2 बार बन चुके हैं मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत सबसे पहले 1998 में मुख्यमंत्री चुने गए थे। इनका कार्यकाल 2003 तक चला। इसके बाद बीजेपी की सरकार राज्य में बनीं लेकिन 2008 के चुनाव में जब फिर कांग्रेस की वापसी हुई एक बार फिर अशोर गहलोत को ही राज्य की कमान सौंप दी गई। और अब वो तीसरा बार राज्य के सीएम बनने जा रहे हैं।
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